यूपी में आंधी-बर्फबारी का कहर: 12 मृत, लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर भीषण जाम

यूपी में गुरुवार की शाम अचानक मौसम का मिजाज पलट गया। राज्य के 12 जिलों में तेज आंधी और बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया। अयोध्या और गोंडा में ओलावृष्टि भी हुई, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। इस प्राकृतिक आपदा के कारण 12 लोगों की जान चली गई। अयोध्या में आंधी इतनी प्रचंड थी कि एक ट्रॉली पलट गई, जिसके नीचे दबकर 3 महिलाएं मर गईं। इसके अतिरिक्त, रौनाही से रुदौली तक के हाईवे पर कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए, जिसने यातायात को बाधित किया।

रुदौली के निकट एक डबल डेकर बस डिवाइडर से टकराकर पलट गई, जिसके चलते 4 घंटे तक एक लेन पर 20 किमी लंबा जाम लगा रहा। इस जाम में एंबुलेंस भी फंस गईं, जिससे अस्पतालों में मरीजों को पहुंचाने में कठिनाई हुई। प्रशासन ने तत्परता से कार्यवाही करते हुए हाईवे को साफ किया और जाम को खुलवाया। इसके अलावा, बहराइच, बलरामपुर, महाराजगंज, कुशीनगर, अमेठी और लखीमपुर के क्षेत्रों में भी बारिश ने अपनी दस्तक दी, जो कि 30 मिनट से लेकर डेढ़ घंटे तक चली।

राजधानी लखनऊ में भी धूल भरी आंधी चली और अब तेज हवाएं चल रही हैं। आसमान में बादल छाए हुए हैं, जिससे अगले कुछ घंटों में और बारिश के अलावा आंधी और बूंदाबांदी की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग ने 37 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है, जो कि पूर्वी यूपी के लिए विशेष रूप से लागू है। विभाग ने बताया कि इन क्षेत्रों में आज रात तक आंधी-पानी की स्थिति रह सकती है, और तेज हवाएं 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। साथ ही, ओलावृष्टि की भी आशंका व्यक्त की गई है।

इस घटना के मद्देनजर, प्रशासन ने बचाव कार्यों और जरूरतमंदों की सहायता के लिए सभी आवश्यक व्यवस्था की है। मौसम में आए इस बदलाव ने लोगों के दैनिक जीवन को प्रभावित कर दिया है। मौसमी असामान्यताओं से बचने के लिए लोगों को घरों में रहने की सलाह दी गई है। स्थिति की पल-पल की जानकारी के लिए लोग विभिन्न माध्यमों, जैसे सोशल मीडिया और न्यूज ब्लॉग का सहारा ले रहे हैं। उन्हें मौसम के अपडेट्स लगातार मिल रहे हैं ताकि वे सावधानी बरत सकें।

यूपी में मौसम की इस अप्रत्याशित करवट ने स्थानीय नागरिकों को प्रभावित किया है, और प्रशासन ने इस क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में सक्रिय उपाय किए हैं। आगे की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और सभी को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।