– ईडी की याचिका पर तमिलनाडु सरकार को जारी किया नोटिस
नई दिल्ली, 25 जनवरी (हि.स.)। सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु में राज्य सरकार और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के बीच जांच को लेकर विवाद के मामले में बड़ा कदम उठाते हुए अंकित तिवारी घूसकांड की तमिलनाडु पुलिस की आगे की जांच पर रोक लगा दी है। जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने ईडी की याचिका पर तमिलनाडु सरकार को नोटिस जारी किया।
कोर्ट ने कहा कि संघवाद के सिद्धांतों से छेड़छाड़ किए बिना मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की जांच से जुड़े मामलों में ईडी के साथ जानकारी साझा करने को लेकर राज्यों के लिए दिशानिर्देश भी जारी करेगा। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय जांच एजेंसी और राज्य सरकार के बीच रस्साकसी पर चिंता जताते हुए कहा कि राजनीतिक प्रतिशोध की आशंका को खत्म करने के लिए एक पारदर्शी तंत्र की जरूरत है।
ईडी ने याचिका दायर कर कहा है कि उसके अधिकारी अंकित तिवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों की जांच तमिलनाडु पुलिस से हटाकर सीबीआई को दी जाए। ईडी ने कहा है कि तमिलनाडु पुलिस एफआईआर की प्रति उपलब्ध नहीं करा रही है। सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और तमिलनाडु सरकार की ओर से पेश वकील कपिल सिब्बल के बीच गर्मागर्म बहस हुई। कपिल सिब्बल ने ईडी की जांच पर सवाल उठाते हुए असम के मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों के खिलाफ दर्ज मामले पर कार्रवाई का मुद्दा उठाया। इस पर मेहता ने सिब्बल की दलील को राजनीतिक बयान बताया। इस पर कोर्ट ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि राजनीतिक प्रतिशोध की आशंका को खत्म करने के लिए एक पारदर्शी तंत्र बनाने की जरूरत है।