**नमस्कार, आज हम बात करेंगे पहलगाम में हुए हालिया आतंकी हमले और उसके बाद भारत सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की। यह घटना भारतीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा साबित हुई है और इसके गंभीर परिणाम सामने आए हैं।**
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 25 भारतीय नागरिक और एक नेपाली नागरिक की जान गई थी। इस हमले के तुरंत बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हुए 5 महत्वपूर्ण निर्णय लिए। इस संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल ने भाग लिया। इन फैसलों में पांच बड़े कदम उठाए गए, जिसमें सिंधु जल समझौते को समाप्त करना भी शामिल है। इससे भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह ऐसे किसी भी प्रकार के आतंकवादी व्यवहार को सहन नहीं करेगा।
हमले के संदिग्ध आतंकियों के बारे में सुरक्षा एजेंसियों ने जानकारी इकट्ठा की है। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, इस हमले में 2 स्थानीय और 3 पाकिस्तानी आतंकियों का हाथ था। इंटेलिजेंस एजेंसियों ने संदिग्ध आतंकियों के स्केच भी जारी किए हैं, जबकि हमले का मास्टरमाइंड लश्कर-ए-तैयबा का डिप्टी चीफ सैफुल्लाह खालिद बताया गया है, जो कि पाकिस्तान में छिपा हुआ है। इसके अलावा, भारतीय सेना ने उरी सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश कर रहे 2 आतंकियों को भी मार गिराया है।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी इस हमले की प्रतिक्रिया में अपने कार्यक्रमों में बदलाव किया। उन्होंने ताजमहल का दौरा किया लेकिन जयपुर के सिटी पैलेस में जाने का कार्यक्रम रद्द कर दिया। ऐसा माना जा रहा है कि यह फैसला पहलगाम में आतंकवादी हमले की वजह से लिया गया। इस प्रकार अमेरिका ने भी इस हमले पर चिंता व्यक्त की है।
सुप्रीम कोर्ट ने भी हाल ही में राज्य वक्फ बोर्ड मेंबर बनने के लिए नए नियम लागू किए हैं। अब इसमें शामिल होने के लिए व्यक्ति का मुस्लिम होना अनिवार्य है, इसके अलावा व्यक्ति का किसी संसद, राज्य विधानसभा या बार काउंसिल का सक्रिय सदस्य होना भी जरूरी है। इस निर्णय से यह स्पष्ट हो गया है कि वक्फ बोर्ड की सदस्यता नियमों के दायरे में होगी और इससे पहले के निर्णयों को पलटा गया है।
अंत में, बाजार का हाल भी बदल रहा है। 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत में कमी आई है, जो अब ₹96,085 हो गई है। इससे पहले इसकी कीमत ₹1 लाख तक पहुंच गई थी। वहीं चांदी की कीमत में भी उतार-चढ़ाव जारी है। इस प्रकार, देश के भीतर अनेक घटनाएं चल रही हैं, जो सभी की नज़र में रहनी चाहिए।
**इस संदर्भ में अब यह देखना होगा कि भारत सरकार आगे कौन से कदम उठाती है और क्या आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाएगी।**