जानिए, मां-बेटे पर 6 केस दर्ज होने के पीछे का रहस्य: सीपी भुल्लर का बड़ा खुलासा!

**भास्कर न्यूज | अमृतसर** – जिले में बढ़ते नशे के खिलाफ जंग को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने एक सख्त कदम उठाया है। शुक्रवार को दोपहर लगभग 2 बजे, मुस्तफाबाद के इंदिरा कॉलोनी में स्थित एक घर को जेसीबी मशीन से गिरा दिया गया। यह घर सोनू सिंह, जिसे सोनू मोटा के नाम से जाना जाता है, और उसकी मां जोगिंदर कौर के स्वामित्व में था। दोनों पर नशे की तस्करी के गंभीर आरोप हैं और यह माना जाता है कि वे नशे के कारोबार में संलिप्त थे।

पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने घटनास्थल पर जाकर दावा किया कि मां-बेटा लंबे समय से नशे के तस्करी के कार्य में लिप्त थे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन किसी भी प्रकार के नशे के कारोबार में शामिल व्यक्तियों को बख्शेगा नहीं। यह कदम नशे के मामलों में लगातार बढ़ती गंभीरता को रोकने और समाज में स्वच्छता लाने के लिए उठाया गया है।

इस कार्रवाई से न केवल स्थानीय निवासियों को सुरक्षा का अहसास होगा, बल्कि यह अन्य तस्करों के लिए एक चेतावनी भी है कि प्रशासन इस तरह की गतिविधियों को सहन नहीं करेगा। अमृतसर जिले में नशे की समस्या एक गंभीर चुनौती बन गई है, और प्रशासन इसे खत्म करने के लिए अपने प्रयासों को तेज कर रहा है। ऐसे कार्यों से यह आशा की जाती है कि समाज में नशे के खिलाफ एक सशक्त संदेश जाएगा।

जिला प्रशासन ने यह भी बताया कि नशे के तस्करों के खिलाफ कार्रवाई केवल इसी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आने वाले समय में और भी कठोर कदम उठाए जाएंगे। इसके तहत न सिर्फ घरों को गिराने की प्रक्रिया चलेगी, बल्कि आगे पुलिस और स्थानीय प्रशासन की ओर से जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे ताकि लोग नशे के खतरों को समझ सकें और इस समस्या के खिलाफ एकजुटता से खड़े हो सकें।

अंत में, यह कदम यह दर्शाता है कि प्रशासन नशे के खिलाफ अपनी मुहिम को गंभीरता से ले रहा है और इसे खत्म करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। ऐसे समय में जब नशा एक बड़ी सामाजिक समस्या बन गई है, प्रशासन की इस तरह की सक्रियता उम्मीद जगाती है कि जल्द ही समाज से इस बुराई का सफाया हो सकेगा।