कांग्रेस ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर का नाम डा. आंबेडकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करने की मांग की
नई दिल्ली, 27 अप्रैल (हि.स.)। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर का नाम डा. आंबेडकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करने की मांग की है।
उन्होंने रविवार को एक बयान जारी करते हुए कहा कि मौहल्ला क्लीनिक का नाम बदल कर आयुष्मान आरोग्य मंदिर रखने से क्या दिल्ली वालों के स्वास्थ्य की सुरक्षा की जा सकती है। खस्ताहल 533 मौहल्ला क्लीनिक की जगह एक साल में 1139 आयुष्मान आरोग्य मंदिर खोलने का लक्ष्य रखना कहीं रेखा गुप्ता सरकार की अतिश्योक्ति तो नहीं। आम आदमी पार्टी 1000 मौहल्ला क्लीनिक खोलने का ढोल पीटती रही और 10 वर्षों में 533 मौहल्ला क्लीनिक ही खोल पाई।
देवेंद्र यादव ने कहा कि भाजपा की दिल्ली सरकार लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए मोहल्ला क्लीनिकों की हालत सुधार कर उन्हें गरीब लोगों के इलाज के लायक बनाना ही चाहती है तो आयुष्मान आरोग्य मंदिर की जगह इनका नाम डा. आंबेडकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर ने संविधान में देश के हर वर्ग के अधिकारों विशेषता गरीब, वंचित और समाज में निचली रेखा के लोगों को समानता का अधिकार देने के अवसर प्रदान किए।
देवेंद्र यादव ने कहा कि कांग्रेस के शासन के दौरान दिल्ली सरकार के अधिकृत वर्ष 2013-14 मे डिस्पेंसरी 450 थी, जिनमें एलोपैथिक, मोबाइल हेल्थ क्लीनिक, स्कूल हेल्थ स्कीम शामिल थी जिनको आम आदमी पार्टी ने बंद करके मोहल्ला क्लीनिक खोल दिए। 2022-23 में घटकर 228 रह गई थी।
देवेंद्र यादव ने कहा कि 3 महीनों में 70 अरोग्य मंदिर के उद्घाटन का लक्ष्य भाजपा सरकार की जल्दबाजी में लिया गया निर्णय है। आम आदमी पार्टी की सरकार ने अपने शासन में 533 मौहल्ला क्लीनिक ही खोल पाई और यह भी लोगों के इलाज के लायक कभी नहीं रहे।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता एक वर्ष में 1139 आरोग्य मंदिर कैसे खोल सकेंगी ? भाजपा की घोषणा कि 50 हजार की आबादी के लिए एक बड़ा आयुष्मान आरोग्य मंदिर जिसमें 50 तरह के टेस्ट, नार्मल डिलीवरी, डेय केयर और 15 हजार की आबादी पर छोटा आरोग्य मंदिर बनेगा। उसमें 15 लैब टेस्ट और मुफ्त दवाई देंगे, सब दिल्ली वालों को गुमराह करने वाला है।
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