करैरा, 27 जनवरी (हि.स.)। एमके अकेडमी में करैरा के साहित्यकार प्रमोद गुप्ता भारती की बारहवीं पुस्तक श्रेष्ठ भारत समृद्ध भारत का विमोचन कार्यक्रम आयोजित किया गया।
श्रेष्ठ भारत समृद्ध भारत पुस्तक से चार पंक्तियां – कल था तथा रहेगा कल, और आज है विश्व गुरु भारत दुनियां का ताज है, अवसर मिला है आज जिसके गुणगान का ना होगा बाल बांका हिन्दुस्थान का।।
जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में आरटीसी आईटीबीपी करैरा के डीआईजी सुरिन्दर खत्री उपस्थित रहे ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता नेता जी सुभाषचंद्र बोस के परम सहयोगी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पद्मभूषण कर्नल गुरुबख्स सिंह ढिल्लन के सुपुत्र सर्वजीत सिंह ढिल्लन ने की ।
विशिष्ट अतिथि के रूप में एम एस पंसारी पूर्व प्राचार्य ,शिवपुरी के वरिष्ठ साहित्यकार दिनेश वशिष्ठ, विवेक त्रिपाठी,जनभागीदारी समिति शासकीय महाविद्यालय करैरा ,समाज सेवी रवि गोयल,पं. नीलेश भोला महाराज,सुनील सोनी विद्युत ठेकेदार,समाजसेवी भोगीलाल विलैया, समाजसेवी सुरेश बंधु ,साहित्यकार जगत शर्मा दतिया,सुमित आर्य दतिया, हरिकृष्ण सेठ चाचा, कैलाश नारायण गुप्ता उपस्थित रहे ।
अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती का पूजन कर दीप प्रज्ज्वलित किया तत्पश्चात माँ सरस्वती की वंदना साहित्यकार प्रभुदयाल शर्मा द्वारा प्रस्तुत की गई साथ ही एमके अकेडमी के छात्रों ने प्रमोद भारती के गीत पर शानदार प्रस्तुति दी । इस दौरान पं. नीलेश दुबे भोला महाराज, श्रीराम यज्ञ के यजमान सुनील सोनी, और श्रीराम कथा के यजमान श्री रवि गोयल का सम्मान शाल श्रीफल भेंटकर सम्मान किया गया।
अतिथियों के द्वारा श्रेष्ठ भारत समृद्ध भारत पुस्तक का विमोचन किया तत्पश्चात साहित्यकार प्रमोद गुप्ता भारती ने पुस्तक के सृजन और समर्पण की बात की तो वह बहुत भावुक हो गये, उन्होंने श्रेष्ठ भारत पर अपनी कलम चलाने को अपना सौभाग्य बताया।
साहित्यकार दिनेश वशिष्ठ ने चार चार पंक्तियों में पूरी बात कहने की कला को अद्भुत बताया तो वहीं वक्ता युगल किशोर शर्मा ने अपने विचार रखते हुए कहा कि पुस्तक श्रेष्ठ भारत समृद्ध भारत बहुत ही उपयोगी सिद्ध होगी, आने वाली पीढ़ियों को यह जानकारी बनी रहे यह उद्देश्य भी रचनाकार का समाहित है।
डीआईजी सुरिन्दर खत्री ने कहा कि करैरा का साहित्य संसार बहुत ही विराट है मुझे यहाँ के सभी साहित्यकारों में आपसी सद्भाव और सहयोग की भावना हमेशा प्रेरित करती है, सचमुच साहित्य सृजन किसी तप से कम नहीं है सचमुच बहुत श्रम करता है रचनाकार श्रेष्ठ भारत समृद्ध भारत प्रमोद भारती की बारहवीं कृति है मैं उन्हें बहुत बहुत बधाई देता हूँ ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सर्वजीत सिंह ढिल्लन ने अपने उदबोधन में राष्ट्र के प्रति समर्पण की बात कही तो वही प्रमोद भारती की पुस्तक श्रेष्ठ भारत समृद्ध भारत की प्रशंसा की।