एएजी सहित सरकारी वकीलों की राजनीतिक नियुक्ति के खिलाफ जनहित याचिका
जयपुर, 5 मई (हि.स.)। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता और सरकारी वकील सहित लोक अभियोजकों की नियुक्ति में योग्यता की अनदेखी कर उनकी राजनीतिक आधार पर नियुक्ति के खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका पेश की गई है। मुख्य न्यायाधीश एमएम श्रीवास्तव और जस्टिस मुकेश राजपुरोहित की खंडपीठ ने पूनम चंद भंडारी की जनहित याचिका पर राज्य सरकार को इस मुद्दे पर पूर्व में निस्तारित अन्य याचिका में दिए आदेशों की कॉपी पेश करने को कहा है।
जनहित याचिका में अधिवक्ता टीएन शर्मा ने कहा कि बीते कई सालों से राज्य सरकार की ओर से हाईकोर्ट सहित अन्य अदालतों में सरकार का पक्ष रखने के लिए राजनीतिक विचारधारा वाले वकीलों को नियुक्त किया जाता है। इनमें से कई वकील ऐसे नियुक्ति हो जाते हैं, जो वास्तव में उस पद के योग्य ही नहीं होते हैं। जिसके चलते न्यायिक प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न होती है। हाईकोर्ट पूर्व में इस संबंध में गंभीर टिप्पणी भी कर चुका है। याचिका में कहा गया कि यदि वकीलों की नियुक्ति उनकी योग्यता को ध्यान में रखते हुए की जाए तो इससे न्याय में तेजी आएगी और अदालतों को सही फैसला देने में सहायता मिलेगी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता पेश हुए। अदालत ने उनसे पूछा कि क्या समान मामले में पूर्व में कोई याचिका पेश हुई थी? इस पर एजी ने कहा कि एक प्रकरण जोधपुर मुख्यपीठ और एक प्रकरण जयपुर पीठ में लंबित चल रहा है। इस पर अदालत ने दोनों प्रकरणों में दिए आदेशों की कॉपी पेश करने के आदेश देते हुए मामले की सुनवाई दो सप्ताह के लिए टाल दी है।
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