भारत ने पहलगाम हमले के उत्तर में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बुधवार रात को पाकिस्तान और पाकिस्तान के अधीन जम्मू-कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर हमला किया है। इस ऑपरेशन को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया है, जिसमें बहावलपुर, कोटली और मुजफ्फराबाद में एयरस्ट्राइक की गई। इस कार्रवाई में लगभग 30 आतंकियों के मारे जाने और कई अन्य के घायल होने की सूचना है, जो इस क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति को गंभीर बनाता है।
इसी दौरान, गृह मंत्रालय ने देश के 12 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में 244 स्थलों पर युद्ध के दौरान बचाव उपायों की मॉक ड्रिल आयोजित करने का निर्णय लिया है। मॉक ड्रिल के तहत ‘ब्लैकआउट एक्सरसाइज’ की जाएगी, जिसके लिए मंत्रालय ने सिविल डिफेंस डिस्ट्रिक्ट्स की एक सूची जारी की है। यह जिलों की उनकी संवेदनशीलता के अनुसार तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है। श्रेणी-1 में सबसे संवेदनशील जिले आते हैं, जबकि श्रेणी-3 में कम संवेदनशील जिलों को रखा गया है। गृह मंत्रालय के अनुसार, इन मॉक ड्रिल का उद्देश्य नागरिकों को संभावित युद्ध स्थितियों में बचाव के तरीकों को सिखाना है।
गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को विचारशीलता से 5 मई को मॉक ड्रिल कराने का निर्देश दिया था। इसके तहत देश में कुल 259 सिविल डिफेंस डिस्ट्रिक्ट बनाए गए हैं, जो सामान्य प्रशासनिक जिलों से भिन्न हैं। उदाहरण के तौर पर, उत्तर प्रदेश में 19 सिविल डिफेंस डिस्ट्रिक्ट में शामिल जिले हैं, जिनमें कानपुर और लखनऊ जैसे प्रमुख शहर भी शामिल हैं। इस प्रशासनिक पहल का उद्देश्य नागरिकों को आपात स्थितियों के दौरान सुरक्षित और सचेत रखना है।
इस मॉक ड्रिल के दौरान नागरिकों को निर्देश दिया जाएगा कि वे अपने घरों में आवश्यक सामग्री जैसे मेडिकल किट, राशन, टॉर्च और केश रखें। गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, यह महत्वपूर्ण है क्योंकि आपातकाल में मोबाइल और डिजिटल लेनदेन बाधित हो सकते हैं। जब लोग इस प्रकार की तैयारी करते हैं, तो यह उनके और उनके परिवारों के लिए सुरक्षा की एक मजबूत दीवार बनाता है।
सम्भवतः, मौजूदा तनाव की स्थिति को देखते हुए मॉक ड्रिल का आयोजन अत्यधिक आवश्यक है। रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ ने बताया कि मॉक ड्रिल का उद्देश्य नागरिकों को तैयार करना है ताकि युद्ध की स्थिति में आम लोगों को सुरक्षा के स्थलों पर भेजा जा सके। वे चेतावनी देते हैं कि युद्ध की स्थिति में जानमाल की हानि होती है और ऐसे में इस प्रकार की सावधानी बरतना आवश्यक हो जाता है।
इस संपूर्ण योजना का अंततः उद्देश्य यह है कि यदि कोई आपात स्थिति उत्पन्न होती है, तो नागरिकों को खुद को और अपने समुदाय को सुरक्षित रखने के लिए उचित प्रक्रिया का ज्ञान हो। इस प्रकार की मॉक ड्रिल हमारे देश की सुरक्षा तंत्र की प्राथमिकता को दर्शाती है, ताकि समस्त नागरिकों को सुरक्षित रखा जा सके।