“पाकिस्तानी कॉमेडियन पर पंजाबी एक्टर का गुस्सा: भारतीयों को धमकाने वाले के साथ काम नहीं!”

पंजाब के मशहूर कॉमेडियन और फिल्म स्टार बीनू ढिल्लो ने हाल ही में पाकिस्तानी कॉमेडियन इफ्तिखार ठाकुर द्वारा भारतीयों को दी गई धमकी को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। इस धमकी का संबंध हाल ही में हुए पहलगाम आतंकवादी हमले से है, जिसके बाद स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई है। बीनू ढिल्लो ने स्पष्ट किया है कि वह भविष्य में ऐसे व्यक्तियों के साथ काम करने से गिद्ध रहेंगे जो देश के प्रति विरोधी विचार रखते हैं। इससे पहले इफ्तिखार ठाकुर ने एक टीवी शो में शायराना अंदाज में भारतीयों को संदेश देते हुए कहा था कि उन्हें विभिन्न रूपों से खतरनाक स्थितियों का सामना करना पड़ेगा। ढिल्लो की इस प्रतिक्रिया ने एक बार फिर से कला और राजनीति के बीच की सीमाओं को स्पष्ट कर दिया है।

बीनू ढिल्लो ने मीडिया से बात करते हुए इफ्तिखार ठाकुर के बयान की निंदा की और इसे अस्वीकार्य बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को किसी भी प्रकार का कला प्रदर्शन करने का अवसर नहीं मिलना चाहिए जो हमारे देश का विरोध करते हैं। उनका मानना है कि कला बिना किसी राजनीतिक विचारधारा के होनी चाहिए, लेकिन जब कोई कलाकार अपनी कला की आड़ में देश के खिलाफ बातें करे, तो उन्हें इसके लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। बीनू ने पंजाबी फिल्म प्रोड्यूसरों से भी अपील की कि वे पाकिस्तान के कलाकारों को अपनी परियोजनाओं में शामिल न करें।

साक्षात्कार में बीनू ढिल्लो ने बताया कि इफ्तिखार की धमकी उनके लिए गंभीर विषय है, और उन्होंने इस दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता को महसूस किया। उनके अनुसार, जब कोई व्यक्ति देश के प्रति अपमानजनक बातें करता है, तो ऐसे लोगों का हमारी फिल्म उद्योग में कोई स्थान नहीं होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें उम्मीद है कि अन्य समझदार कलाकार भी उनके विचारों से सहमत होंगे और ऐसे कलाकारों से दूरी बनाए रखेंगे।

इस मामले में बीनू ढिल्लो का यह बयान न केवल उनके व्यक्तिगत विचारों को दर्शाता है, बल्कि यह भी प्रदर्शित करता है कि कैसे कला की दुनिया में राष्ट्रीयता और सुरक्षा की भावनाओं का सबंध है। उन्होंने यह सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया कि वे इस दिशा में एक स्थायी निर्णय के लिए कृतसंकल्पित हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या अन्य कलाकार भी उनके साथ खड़े होते हैं और इस तरह की चर्चा को आगे बढ़ाते हैं या नहीं।

इस घटनाक्रम ने यह दिखाई है कि मनोरंजन की दुनिया में भी देशभक्ति और राष्ट्रीयता का मुद्दा महत्वपूर्ण हो चुका है। बीनू ढिल्लो जैसे कलाकारों का यह रुख यह संकेत देता है कि वे अपने दर्शकों के प्रति संवेदनशील हैं और अपनी कला के माध्यम से सकारात्मक संदेश फैलाना चाहते हैं। ऐसे में भारत-पाकिस्तान संबंधों को लेकर चल रही इस बहस के बीच बीनू का बयान एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।