भारत ने हाल ही में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के 9 आतंकवादी ठिकानों पर सफल एयर स्ट्राइक की, जो कि पहलगाम हमले के 15 दिन बाद की गई। इसका नाम ‘ऑपरेशन सिंदूर’ रखा गया और यह कार्रवाई बुधवार रात एक बजे के बाद की गई। इस एयर स्ट्राइक में बहावलपुर, मुरीदके, बाघ, कोटली और मुजफ्फराबाद जैसे क्षेत्रों में आतंकवादियों के ठिकानों को निशाना बनाया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब कई लोग बाड़मेर में इस घटना की खबर सुनकर जश्न मनाने लगे। स्थानीय नागरिकों ने भारत माता के जयकारे लगाए और आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
भागीरथ गोसाई, जो कि बाड़मेर का निवासी है, ने बताया कि जब उसने सुबह 4 बजे उठते ही एयर स्ट्राइक की खबर सुनी, तो उसका दिल खुशी से भर गया। उसने कहा, “हमारे सीने में गर्व की एक लहर दौड़ गई।” उन्होंने आतंकवादियों के खिलाफ की गई इस कार्रवाई को उचित ठहराते हुए कहा कि जो आतंकवादी पहलगाम में निर्दोष लोगों पर गोलियां चला रहे थे, उनके खिलाफ यह सख्त जवाब है। गोसाई ने यह भी कहा कि हमारी तीनों सेनाएं पाकिस्तान के खिलाफ और अधिक सख्ती से कार्रवाई करें।
शकूर खान, जोकि इस इलाके का और एक स्थानीय निवासी है, ने आतंकी हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि हमारे निर्दोष लोगों को आतंकवादियों ने बिना किसी वजह के निशाना बनाया। अब, भारत द्वारा उनके ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की जानकारी मिलाकर वह बहुत खुश हैं। उन्होंने कहा, “यह हमारे निर्दोष लोगों का बदला लेने का वक्त था, और हमें गर्व है कि भारत ने इस पर कार्रवाई की। पाकिस्तान को इस प्रकार के हमलों का मुंहतोड़ जवाब देने की आवश्यकता है।”
भारत की इस एयर स्ट्राइक ने न केवल पाकिस्तान की आतंकवादी गतिविधियों को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, बल्कि इससे भी देशों के लोगों में अपेक्षा जाग गई है कि कायरता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आतंकी ठिकानों पर यह कार्रवाई न केवल भारत के नागरिकों के लिए एक संजीवनी साबित हुई है, बल्कि यह एक संदेश भी है कि भारत अपने नागरिकों के खिलाफ जितने भी अत्याचार होंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
इस घटनाक्रम के अगले दिन, बाड़मेर में लोग एकजुट होकर भारत की इस कार्रवाई का स्वागत कर रहे थे। उन्हें विश्वास है कि यह कदम न केवल वर्तमान में आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ी जीत है, बल्कि इससे भविष्य में ऐसी और घटनाएँ होने से भी रोका जा सकेगा। भारत की सरकार और उसके सशस्त्र बलों पर विश्वास करते हुए स्थानीय लोग इस उम्मीद में हैं कि आगे भी ऐसी सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिससे आतंकवादियों में भय बना रहे।