बलरामपुर : दो दिवसीय शिविर में चिकित्सा सेवा लेने उमड़ी भीड़, हजारों लोगों को मिला निःशुल्क स्वास्थ्य लाभ
बलरामपुर, 22 जून (हि.स.)। जिला प्रशासन एवं दीन-हीन सेवा समिति संयुक्त तत्वावधान में जिला मुख्यालय बलरामपुर के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय प्रांगण में दो दिवसीय मेगा स्वास्थ्य शिविर का समापन प्रदेश के आदिम जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग एवं कृषि विभाग मंत्री रामविचार नेताम के गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। समापन कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य कृष्णा गुप्ता, जिला पंचायत उपाध्यक्ष धीरज सिंह देव, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष एवं दीन-हीन सेवा समिति की संरक्षिका पुष्पा नेताम, संस्थापक मनिषा सिंह, गणमान्य नागरिक बाबूलाल अग्रवाल, गोपालकृष्ण मिश्र, नगर पालिका रामानुजगंज के अध्यक्ष रमन अग्रवाल, बलरामपुर जनपद अध्यक्ष सुमित्रा चेरवा, जनपद अध्यक्ष रामचन्द्रपुर मुन्द्रिका सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर राजेन्द्र कटारा, वनमण्डलाधिकारी आलोक बाजपेयी, जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर उपस्थित रहे।
वृहद स्वास्थ्य शिविर को सफल बनाने में जिला प्रशासन एवं दिन हीन सेवा समिति के चिकित्सकों की भूमिका को सराहते हुए कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि यह आयोजन सभी के सहयोग से सफल हो पाया है।
उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर केवल उपचार का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का एक प्रभावशाली जरिया भी होते हैं। मंत्री नेताम ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन और प्रयासों के फलस्वरूप स्वास्थ्य सेवाओं को दूरस्थ अंचलों तक पहुंचाया जा रहा है, जहां आम तौर पर लोग चिकित्सकीय सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि लोग अक्सर तब डॉक्टर के पास जाते हैं जब तकलीफ असहनीय हो जाती है, जबकि समय रहते जांच और ईलाज से गंभीर बीमारियों को रोका जा सकता है। मंत्री नेताम ने आगे बताया कि इस शिविर के माध्यम से जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य किया गया और क्षेत्र के लोगों को व्यवस्थित ढंग से विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लेने का अवसर मिला। शिविर में अनुभवी विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपस्थिति में निःशुल्क सेवाएं प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक व्यवस्थित और प्रभावशाली बनाने के लिए सरकार सतत प्रयासरत है।
उन्होंने कहा कि ‘‘मैं सेवा के लिए हूँ, हमारा उद्देश्य लोगों तक बेहतर सेवाएं पहुंचाना है’’ और हम निरंतर सुधार की दिशा में काम कर रहे हैं। मंत्री नेताम ने शिविर में स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम, जिले के सभी चिकित्सकों तथा शिविर में ड्यूटी पर लगे समस्त कर्मचारियों और स्वयंसेवकों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने भविष्य में और भी वृहद स्वास्थ्य शिविर तथा आई कैंप आयोजित करने की बात कही ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को समय रहते गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।
दीन-हीन सेवा समिति की संस्थापक मनीषा सिंह ने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि स्वास्थ्य ही जीवन का मूल आधार है। जब शरीर स्वस्थ होता है, तभी मन भी प्रसन्नचित्त रहता है और व्यक्ति अपने जीवन के लक्ष्यों को पूरा कर पाता है। सिंह ने बताया कि यह शिविर समाज के उन वर्गों के लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होगा जो सामान्यतः चिकित्सा सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य कल्याण के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं ताकि हर नागरिक एक खुशहाल और सुरक्षित जीवन जी सके। स्वास्थ्य शिविर में हृदय रोग, शिशु रोग, त्वचा रोग, हड्डी रोग सहित अनेक विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं। शिविर में हजारों लोगों ने लाभ उठाया और आवश्यक परीक्षण एवं परामर्श प्राप्त किया।
उल्लेखनीय है कि, जिले के लगभग 50 बच्चों की जटिल हृदय सर्जरी निःशुल्क कराई गई है, जिससे न केवल उन बच्चों को नया जीवन मिला है। उन्होंने कहा कि शिविर का उद्देश्य समग्र स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा है।
मेडिकल कॉलेज मेकाहारा के कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. राहुल सिंह ने भी कैंसर बीमारी की विस्तृत जानकारी दी एवं कहा कि इस शिविर के माध्यम से 70 मरीजों का जांच किया गया है, जिसमें 28 मरीजों का चिन्हांकन किया गया है, जिनको बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराया जाएगा। समापन पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने आये सभी विशेषज्ञ चिकित्सकों को शाल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में चिरायु योजना अंतर्गत स्वास्थ्य हुए बच्चों ने मुख्य अतिथि मंत्री रामविचार नेताम को गुलाब का फूल भेंट कर धन्यवाद दिया। इस दौरान अतिथियों ने संवाद कर बच्चों का हाल-चाल जाना। कार्यक्रम में पांच टीबी मरीजों को पोषण आहार, राष्ट्रीय वृद्धजन स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम अंतर्गत पांच हितग्राहियों को वाकिंग स्टिक, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अंतर्गत चार हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड, तीन हितग्राहियों को सिकलसेल दिव्यांगता सर्टिफिकेट, दो हितग्राहियों को बस पास का वितरण किया गया। साथ ही चिरायु कार्यक्रम योजना अंतर्गत पांच स्वस्थ हुए बच्चों को स्वास्थ्य प्रमाण पत्र दिया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बसंत सिंह ने बताया कि इस दो दिवसीय वृहद स्वास्थ्य शिविर में लगभग 5200 लोगों ने पंजीयन कराकर लाभ लिया।
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