निरीक्षण के दौरान डीएम ने झील की गहराई में असमानता पाई, जिससे बोटिंग जैसी गतिविधियों में दिक्कत आ सकती है। इस पर उन्होंने सिंचाई विभाग को निर्देश दिए कि झील की गहराई को समतल किया जाए ताकि भविष्य में यहां नौकायन को बढ़ावा दिया जा सके।
डीएम ने झील के चारों ओर सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने और जलस्तर बनाए रखने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि झील में ऐसा जल स्रोत विकसित किया जाए जिससे साल भर पानी की उपलब्धता बनी रहे और झील कभी सूखे नहीं।
बिजली विभाग को भी सतर्क किया गया। डीएम ने स्पष्ट कहा कि झील किनारे कोई भी काम शुरू करने से पहले बैरिकेडिंग अनिवार्य रूप से की जाए ताकि मवेशी और राहगीर सुरक्षित रहें।
उन्होंने कहा कि झील को इस प्रकार विकसित किया जाए कि यह न सिर्फ स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बने बल्कि बरेली के पर्यटन मानचित्र पर भी अपनी खास पहचान बनाए।
इस दौरान उपजिलाधिकारी आंवला विदुषी सिंह, एडीएम प्रशासन पूर्णिमा सिंह, डीसी मनरेगा हबीब अंसारी समेत कई अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।