फतेहाबाद: फेस रिकग्निशन सिस्टम वापस लेने की मांग पर आंगनबाड़ी वर्कर्स ने किया प्रदर्शन
फतेहाबाद, 18 जुलाई (हि.स.)। आंगनबाड़ी सेवाओं के लिए अनिवार्य फेस रिकग्निशन सिस्टम वापस लेने तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के उत्पीडऩ को रोकने हेतु तत्काल हस्तक्षेप की मांग को लेकर आंगनवाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर यूनियन द्वारा शुक्रवार को फतेहाबाद में उपायुक्त कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान आंगनबाड़ी वर्कर्स और हैल्पर्स ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को सांसद कुमारी शैलजा के नाम ज्ञापन सौपा। आज के प्रदर्शन की अध्यक्षता जिला प्रधान सुनीता झलनिया ने की। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सीटू जिला प्रधान जंगीर सिंह व सीटू नेता बेगराज ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा सेवाओं का लाभ लेने के लिए अनिवार्य किए गए फेस रिकग्निशन सिस्टम में तत्काल हस्तक्षेप चाहते हैं। उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के आदेशानुसार आंगनवाड़ी केंद्रों में लाभार्थियों 6 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाओं को दिए जाने वाले टेक होम राशन के लिए उनका विवरण मंत्रालय के पोषण ट्रैकर ऐप में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मोबाइल फोन से अपडेट करना अनिवार्य कर दिया गया है। जो लाभार्थी एफआरएस में पंजीकृत नहीं होंगे, उन्हें यह राशन नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस वर्ष आईसीडीएस व आंगनवाड़ी सेवाएं अपने 50 सफल वर्ष पूरे कर रही हैं, लेकिन दुखद है कि एनडीए सरकार द्वारा जरूरतमंद लाभार्थियों को इन सेवाओं से वंचित किया जा रहा है। पोषण मानदंडों का तत्काल संशोधन किया जाए। पोषण ट्रैकर ऐप से जुड़े मुद्दों, जिसमें डाटा में हेराफेरी भी शामिल है, पर सभी आंगनवाड़ी संगठनों के साथ त्रिपक्षीय बैठक तत्काल आयोजित की जाए। इसके अलावा, नियमीकरण, न्यूनतम मजदूरी 26 हजार रुपये प्रतिमाह, पेंशन व सामाजिक सुरक्षा लाभ, सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार ग्रेच्युटी जैसी हमारी लंबित मांगों को भी इस सरकार द्वारा पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। इन्हें भी पूरा किया जाए। इस अवसर पर सुनीता झलनिया, दमयंती, कृष्ण टोहाना, संदीप रतिया, विजयलक्ष्मी, माया सहित काफी संख्या में आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हैल्पर्स मौजूद रही।