याचिका में अधिवक्ता तनवीर अहमद ने अदालत को बताया कि आरपीएससी ने 14 फरवरी, 2024 को लाइब्रेरियन ग्रेड द्वितीय के पदों पर भर्ती निकाली थी। याचिकाकर्ता ने ओबीसी वर्ग में भाग लेकर 212 अंक प्राप्त किए, जबकि इस वर्ग की कट ऑफ 179 आई थी। याचिकाकर्ता के एक प्रश्न पत्र में चालीस फीसदी अंक के बजाए 39.34 अंक आने पर उसे चयन से वंचित कर दिया गया। याचिका में कहा गया कि राज्य सरकार ने 7 फरवरी, 2024 को परिपत्र जारी कर राजस्थान शिक्षा सेवा नियम में संशोधन किया था। संशोधन के तहत लाइब्रेरियन ग्रेड द्वितीय और तृतीय के लिए हर प्रश्न पत्र में न्यूनतम चालीस फीसदी अंक लाने के प्रावधान को हटा दिया गया था। याचिका में कहा गया कि प्रत्येक प्रश्न पत्र में चालीस फीसदी अंक लाने की अनिवार्यता नहीं होने के बावजूद याचिकाकर्ता को चयन से बाहर कर दिया गया, जबकि उसके कट ऑफ से काफी अधिक अंक हैं। ऐसे में उसे चयन प्रक्रिया में शामिल किया जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए याचिकाकर्ता को चयन प्रक्रिया में शामिल करने को कहा है।