धर्मांतरण को लेकर छत्तीसगढ़ में कानून को और ज्यादा मजबूत और सख्त बनाया जाएगा : मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री ने अधिवेशन में मंच से कहा कि धर्मांतरण के खिलाफ सख्त कानून की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।राज्य में धर्मांतरण की घटनाएं चिंताजनक हैं। हमने इसका संज्ञान लिया है और एक सख्त कानून का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है, जिसे जल्दी ही विधानसभा में पेश किया जाएगा। इस कानून के तहत जबरन धर्मांतरण करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसे जल्द ही लागू करेंगे ताकि जबरन या प्रलोभन देकर किए जा रहे धर्मांतरण पर रोक लग सके।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने गौ रक्षा को लेकर भी अपनी प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहाकि मैंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सड़कों पर कोई भी गौवंश या मवेशी दिखाई नहीं देना चाहिए। उन्होंने बताया कि नगरीय क्षेत्रों में गौशालाएं बनाई जा रही हैं। इसके लिए राज्य सरकार ने गौशालाओं को मिलने वाली सहायता राशि को पांच लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब गाय दूध देना बंद कर देती है, तो उसे सड़कों पर छोड़ दिया जाता है। यह बहुत गलत परंपरा है। हिंदू समाज को इसे बदलना होगा।

मुख्यमंत्री ने जशपुर का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां एशिया का दूसरा सबसे बड़ा चर्च स्थित है, लेकिन इसके बावजूद वहां दिलीप सिंह जूदेव और उनके पुत्र प्रबल प्रताप जूदेव ने “घर वापसी” अभियान को मजबूती दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के गांव-गांव में कल्याण आश्रम के कार्यकर्ता हिंदू धर्म के प्रचार-प्रसार में लगे हुए हैं। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में मंदिरों के पुनरुत्थान की दिशा में भी काम जारी होने की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार पौराणिक व ऐतिहासिक मंदिरों के जीर्णोद्धार और विकास के लिए योजना बना रही है।

हिंदू जनजागृति मंच द्वारा आयोजित इस अधिवेशन में विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। मंच के वक्ताओं ने धर्मांतरण, लव जिहाद, और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा जैसे मुद्दों पर चिंता जताई और सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की।