बुरू और इकिर सरना में हुई वार्षिक सार्वजनिक देवी पूजा

बुरू बोंगा और इकिर बोंगा के लिए क्रमशः एक बकरी और बकरे तथा इकिर के लिए एक जोड़ा भेड़ा एवं रंगुवा मुर्गा की बलि दी गई। मौके पर समस्त मौजा एवं मुरहू वासियों की कुशलता, समृद्धि और अच्छी फसल की कामना सिंड्गबोंगा से की गई। मौके पर पूर्व जिला परिषद सदस्य सह सार्वजनिक मेला टांड़ बचाव संघर्ष समिति के अध्यक्ष चन्द्र प्रभात मुंडा ने कहा कि परम्परागत रुढ़ि प्रथा और विशिष्ट समाजिक मान्यताएं प्रकृति के साथ सह अस्तित्व जीवन यापन आदिवासी मूलवासियों की विशेष पहचान है।

जल जंगल जमीन के साथ तालमेल बनाए बिना जीवन जीने और भौतिक प्रगति की श्रेष्ठता औपनिवेशिक सोच की उपज है। इससे मानव समाज का भविष्य असुरक्षित होगा इसलिए ऐसे सोच रखने वालों से समाज को बचाने की जरूरत है और प्रकृति के संरक्षण में ही भविष्य है।

कार्यक्रम में वरिष्ठ समाजसेवी सह सार्वजनिक मेला टांड़ बचाव संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष गौतम मुंडू , प्रेम कुमार सिंह, अभय प्रधान, लेदा मुंडा, बोटांग मुंडा, सोम्बरा मुंडा, भादो मुंडा कड़ियां मुंडा, राम शंकर मुंडा रविन्द्र मुंडा सहित अन्य उपस्थित थे