कुलपति नियुक्ति का अधिकार राज्य सरकार को देना शिक्षा की स्वायत्तता पर आघात: प्रकाश टूटी

मौके पर विभाग संयोजक रांची प्रकाश टुटी ने कहा कि यह विधेयक न केवल विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पर आघात है, बल्कि संविधान में वर्णित राज्यपाल की गरिमा एवं संघीय ढांचे के भी प्रतिकूल है। परिषद ने स्पष्ट किया कि इस प्रावधान से शिक्षा के क्षेत्र में राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ेगा, जिससे गुणवत्ता एवं निष्पक्षता पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।

अभाविप ने राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग के गठन का स्वागत किया है, साथ ही यह मांग की है कि आयोग का कार्यक्षेत्र सिर्फ शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की नियुक्ति तक सीमित रहे।

कुलपति एवं प्रति कुलपति जैसे उच्च पदों की नियुक्ति प्रक्रिया को राज्यपाल के अधीन ही रखा जाए। एबीवीपी ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार इस विधेयक को बिना संशोधन के पारित करने का प्रयास करती है, तो परिषद राज्यव्यापी आंदोलन करने को बाध्य होगी। मौके पर जिला संयोजक पवन कुमार, नगर मंत्री अशोक टुटी, कार्यकारिणी सदस्य हीरांजलि हेंब्रम, सुखराम, दीपक, नीमोनती बोदरा आदि विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता मौजूद थे।