अंबेडकर की तस्वीर फड़वाने पर विद्यालय के शिक्षकों पर भड़के अभिभावक

ज्ञापन में कहा गया है कि इन शिक्षकों ने जानबूझकर विद्यार्थियों से डॉ. अंबेडकर की तस्वीर फड़वाई और जब छात्रों तथा अभिभावकों ने इसका विरोध किया तो उन्हें डांटकर विद्यालय से भगा दिया गया। इस कृत्य से ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल एक तस्वीर नहीं, बल्कि संविधान निर्माता डॉ. अंबेडकर का अपमान है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अभिभावकों ने यह भी आरोप लगाया कि विद्यालय में लंबे समय से शैक्षणिक वातावरण अस्त-व्यस्त है। वर्ष 2006 से कार्यरत प्रधानाध्यापक की मनमानी और लापरवाही के चलते बच्चों की पढ़ाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि शिक्षकों का व्यवहार विशेष रूप से अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग समुदाय से आने वाले बच्चों के प्रति पक्षपातपूर्ण और अमानवीय है। इससे बच्चों में भेदभाव की भावना और मानसिक दबाव उत्पन्न हो रहा है। रमेश चंद्र, मोहनलाल, रामबहादुर, पवन व अन्य अभिभावकों ने मांग की है कि उक्त शिक्षकों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कराते हुए उन्हें तत्काल विद्यालय से स्थानांतरित किया जाए। अभिभावकों का कहना है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन को विवश होंगे। उन्होंने जिलाधिकारी से मामले को गंभीरता से लेते हुए कठोर कदम उठाने की मांग की है।