बरेली बनेगा उत्तर भारत का टूरिज्म हॉटस्पॉट, दीदियां चलाएंगी ड्रोन, मंत्री ने दिए अफसरों को सख्त निर्देश

मंत्री ने स्पष्ट किया कि जिन गांवों में आज भी पंचायत भवन नहीं हैं, वहां निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने ग्राम सरकड़ा का नाम लेते हुए नाराजगी जताई कि अब तक वहां पंचायत किराए के भवन में क्यों चल रही है। साथ ही 277 अमृत सरोवर और 82,574 व्यक्तिगत शौचालयों की जियो टैगिंग पर भी सवाल उठाए।

दीदियों को मिलेगा ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण

स्वयं सहायता समूहों की भूमिका को लेकर मंत्री ने अफसरों को निर्देश दिए कि चाय-नाश्ता से लेकर अचार-पापड़ और मसाले तक की खरीद दीदियों से ही की जाए। उन्होंने कहा कि “अब वक्त है दीदियों को तकनीकी ताकत देने का। इंटर पास महिलाओं को ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण दिया जाए ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।”

पर्यटन को लेकर बड़ा विजन

बरेली को धार्मिक व सांस्कृतिक पर्यटन हब के तौर पर विकसित करने का विजन रखते हुए मंत्री ने कहा कि “ऐसे प्रयास किए जाएं कि लोग उत्तराखंड की बजाय बरेली घूमने आएं। नाथ कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट इसमें बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।”

गांवों की सफाई में जनता की भागीदारी जरूरी

गांवों की सफाई व्यवस्था पर भी मंत्री ने दो टूक कहा कि “कोई एक सफाईकर्मी पूरे गांव को नहीं संभाल सकता। गांववालों में जागरूकता लानी होगी। चौपाल लगाकर लोगों को बताइए कि सफाई सिर्फ कर्मचारी की जिम्मेदारी नहीं है।”

बेटियों की सुरक्षा सर्वोपरि

महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए मंत्री ने निर्देश दिए कि हर गांव, हर गली में पुलिस व प्रशासन की जिम्मेदारी तय हो। बेटियों की सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इस मौके पर सीडीओ देवयानी, डीएफओ दीक्षा भंडारी, सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह, डीआरडीए निदेशक चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव, डीसी मनरेगा हसीब अंसारी, डीसी एनआरएलएम, जिला विकास अधिकारी दिनेश कुमार यादव सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।