घर में इकलौता होने के कारण उसे किसी तरह की कोई परेशानी भी नहीं थी। गुरुवार की शाम को वह मेडिकल कालेज से ड्यूटी करने के बाद घर लौटा था। रात करीब दो बजे उसको सीने में दर्द हुआ तो पिता व अन्य स्वजन उसे कार से इलाज के लिए मेडिकल कालेज लेकर पहुंचे जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जैसे ही इसकी जानकारी उसकी मां आशा देवी को हुई तो वह बेसुध हो गई। दो बहनों को भी रो रोकर बुरा हाल है। सिरसाकलार थाना निरीक्षक परमेंद्र कुमार का कहना है कि सूचना पर शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।