पदक विजेता कुशल दलाल ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने परिजनों एवं गुरुजनों को दिया। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन 8 से 10 घंटे की कड़ी मेहनत से उन्होंने यह सफलता प्राप्त की है। उन्होंने युवाओं को सही मार्गदर्शन, निरंतर अभ्यास और कड़ी मेहनत को ही जीवन में सफलता का मंत्र बताया। इस अवसर पर संदीप दलाल, डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एस.सी. मलिक, रजिस्ट्रार डॉ. कृष्णकांत, खेल निदेशिका डॉ. शकुंतला बेनीवाल, प्रो. आशीष दहिया प्रमुख रूप से मौजूद रहे।