उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों और तहसीलदारों को निर्देश दिया कि बड़ी आरसी की वसूली प्रतिदिन कराई जाए और उसकी नियमित समीक्षा भी हो।
खनन विभाग की 77 आरसी में 1 करोड़ 11 लाख 52 हजार रुपये की अपेक्षित वसूली के मुकाबले केवल 23 लाख रुपये की प्राप्ति पर जिलाधिकारी ने तीखी नाराजगी व्यक्त की और जिला खनन अधिकारी को शो कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि शत-प्रतिशत वसूली हर हाल में सुनिश्चित की जाए। इसी प्रकार आबकारी विभाग की 56 आरसी में 2 करोड़ 51 लाख रुपये की वसूली में शून्य प्रगति पाए जाने पर जिला आबकारी अधिकारी को भी शो कॉज नोटिस देने के आदेश अपर जिलाधिकारी नगर को दिए गए।
उन्होंने बताया कि स्टांप वसूली की समीक्षा के दौरान अधूरी जानकारी लेकर बैठक में पहुँचने पर सब रजिस्ट्रार को भी शो कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। वहीं, जीएसटी अनुभाग- पांच और 18 से आए अधिकारियों द्वारा आरसी से संबंधित जानकारी उपलब्ध न कराने और एडिशनल कमिश्नर जीएसटी के अनुपस्थित रहने पर उनका स्पष्टीकरण मांगा गया।
जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी वित्त-राजस्व को निर्देशित किया कि प्रतिदिन यह रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए कि किस विभाग की कितनी आरसी की वसूली लंबित है, और उसे सुनिश्चित कराने के लिए तत्काल समीक्षा की जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि राजस्व वसूली में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में अपर जिलाधिकारी नगर डॉ. राजेश कुमार, अपर जिलाधिकारी आपूर्ति, अपर नगर आयुक्त सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।