बैठक की अध्यक्षता एसीएस यूनिट के पूर्व सचिव मोनू लकड़ा ने की। बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा, तैयारियों और व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। इसमें पारंपरिक खोरहा गीत और नृत्य, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और प्रकृति पूजन को कार्यक्रम का हिस्सा बनाने पर सहमति बनी। कार्यक्रम स्थल की सजावट और आवश्यक सुविधाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिया गया। सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के लिए एक विशेष समिति गठित की गई, जबकि गणमान्य अतिथियों की सूची तैयार कर उन्हें आमंत्रण भेजने की प्रक्रिया भी शुरू की गई।
बैठक में अध्यक्ष विवेक तिर्की ने कहा कि करम केवल एक पर्व नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और समाज की एकता का प्रतीक है। उन्होंने सभी सदस्यों से आह्वान किया कि वे पूरे समर्पण के साथ इस आयोजन को सफल बनाएं। प्रचार-प्रसार के माध्यम से अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में आदिवासी छात्र संघ, डीएसपीएमयू के उपाध्यक्ष दिपा कच्छप, सचिव अमित टोप्पो, कोषाध्यक्ष नितेश टोप्पो, उपकोषाध्यक्ष पायल बांडो के अलावा दिनशा उरांव, उत्तम उरांव, सीताराम उरांव, नेहा उरांव, बिजलानी मिंज, सपना मुंडन सहित अन्य मौजूद थे।