बड़े इक्का-दुक्का वाहनों को छोड़ कर कोई भी छोटा वाहन सड़कों से गुजरने की हिम्मत नही कर पा रहा था। बारिश से सहमे लोग अपने घरों में दुबके रहे। जो वाहन बारिश में फस गए, उन्हें लोग धक्का लगा कर साइड में लगाते देखे गए। बारिश के कारण लोगों को अच्छी खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। जींद में 170 एमएम, नरवाना में 51 एमएम, जुलाना में 25 एमएम, उचाना में आठ एमएम, अलेवा में 72 एमएम, पिल्लूखेड़ा में 11 एमएम, सफीदों में तीन एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश के साथ तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। दिनभर मौसम सुहाना बना रहा। आकाश में छाए बादलों से बारिश के आसार भी बने रहे।
दोहपर बाद बारिश बंद होने के बाद लोगों ने कुछ राहत की सांस ली। आकाश में छाए बादलों से बारिश के आसार बने रहे। तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। मौसम सुहाना बना रहा। वीरवार को अधिकतम तापमान 29 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 26 डिग्री दर्ज किया गया।
मौसम में आद्रता 88 प्रतिशत तथा हवा की गति 26 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान बादल छाए रहने के साथ बारिश की संभावना है। शहरी इलाकों को पानी-पानी कर दिया। जिले में औसतन 47 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश से सीवरेज सिस्टम पूरी तरह ठप हो गया। सड़कें तथा गलियां बरसाती नालों में तबदील नजर आए। अंडरपासों में जलभराव को होने के कारण शहर अलग-अलग हिस्सों में बंट गया। बरसाती पानी लोगों के घरों में जा घुसा। हालात यहां तक रहे कि सात घंटों तक सड़कों पर छोटे वाहन बिल्कुल नदारद रहे।
बिजली व्यवस्था ठप हो गई। हालातों को देखते हुए डीसी मोहम्मद इमरान रजा अधिकारियों के साथ फिल्ड में उतरे और हालातों का जायजा लिया। तेज बारिश होने तथा जलभराव की सूचना पर डीसी मोहम्मद इमरान रजा अधिकारियों के साथ फील्ड में उतरे और हालातों को जायजा लिया। उन्होंने आदेश देकर तुरंत प्रभाव से पानी निकासी के आवश्क कदम उठाने के लिए कहा। डीसी ने माना कि बारिश ज्यादा हई है। जिसके कारण पानी निकासाी व्यवस्था चरमरा गई। वहीं बिजली निगम के अधिकारी तथा कर्मी बारिश के दौरान ठप बिजली व्यवस्था को दुरूस्त करने के लिए फिल्ड में उतरे रहे।