पंडित श्रीकृष्ण शर्मा के अनुसार 22 अगस्त के दिन पिठौरी अमावस्या, पितृकार्य अमावस्या रहेगी। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान,पितृ पूजन,तर्पण,श्राद्ध आदि करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलेगी। इस दिन ब्राह्मण, गाय,कौवे और कुत्ते को भोजन कराने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं । 23 अगस्त को शनिचरी अमावस्या,देव कार्य अमावस्या और कुशाग्रहणी अमावस्या रहेगी । इस दिन की पीपल की पूजा और शनि देव की पूजा करने से कुंडली में वर्णित शनि दोष दूर हो जाता हैं। इस दिन कुशाग्रहण करने से वह पूरे साल काम आती हैं । दोनों दिन अभिजीत मुहूर्त में दोपहर 12:01 से 12:52 तक पूजा करें।