रेसक्यू ऑपरेशन के दौरान टीम को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा,भारी बारिश, घना जंगल व फिसलन भरे कीचड़ युक्त रास्तों ने हालात कठिन बना दिए थे। आखिरकार चार घंटे से ज्यादा चले इस ऑपरेशन के बाद तीनो युवकों को ढूंढ लिया गया।
बीते सावन मेले के दौरान भी ऐसी ही एक घटना प्रकाश मे आयी थी। वहीं बीते कुछ वर्षो की बात करें तो अक्सर ऐसे मामले सामने आते रहते है, जिसके बाद नीलकंठ पैदल मार्ग पर कई स्थानों पर दिशा निर्देश भी लगाए गए है। मगर मार्ग पर चलने वाले श्रद्धालु अक्सर शॉर्टकट के चककर मे भटक जाते है। वहीं अब इस प्रकरण के बाद राजाजी पार्क महकमा कठोर कदम उठाने की तैयारी मे है।
राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक कोको रोसे ने कहा यह बेहद ही गंभीर मामला है। जल्द ही नीलकंठ मंदिर प्रबंधन से वार्ता कर श्रद्धांलुओं की सुरक्षा को लेकर रणनीति तैयार की जायेगी। जंगल मार्ग पर जगह जगह दिशानिर्देश लगा कर, रात्रि के समय यात्रा प्रतिबंधित की जायेगी।