पंडितों ने बताया कि पिछले दिनों प्रशासन द्वारा पंडितों को जारी किये नोटिस में पिता-पुत्र दोनां में से केवल एक को ही हवन, पूजन व अनुष्ठान कार्य करने की अनुमति दी गई है तथा दूसरे की रसीद बंद करने बात कही गई है। इसी के चलते पंडितों ने अस्थाई रूप से हवन पूजन व अनुष्ठान कार्य बंद कर अपना विरोध जताया है।
गौरतलब है कि पिछले दिनों प्रशासन द्वारा मंदिर प्रबंधन के सन्दर्भ में जारी की गई नियमावली के खिलाफ पंडितों, पुरोहितों ने लामबंद होकर अपनाविरोध दर्ज कराया है। पंडितों का कहना है कि ब्राह्मणों पर एक तरफा निराधार नियम थोपे जा रहे है। यह परम्परा और धन की स्वतंत्रता के विपरीत है, हम इसकी कड़ी निंदा करते है और इसी कारण हमारे द्वारा हवन, पूजन व अनुष्ठान कार्यो पर अस्थाई रूप से रोक दिया है।
उल्लेखनीय है कि इस सर्वसिद्ध पीताम्बरा पीठ पर देशभर से बड़ी संख्या में देवीजी के भक्तों का तांता लगा रहता है। इसके साथ ही विभिन्न प्रांतों के मुख्यमंत्री, राज्यपाल, मंत्रीगण, उद्योगपति, राजनेता, फिल्म एवं टीवी के अभिनेता-अभिनेत्रियां, फिल्मी सितारे, आलाअधिकारी के साथ ही वीवीआईपी मंदिर में आकर हवन, पूजन व अनुष्ठान करते है।