कार्यक्रम की शुरुआत भगवान जगन्नाथ के भजन से हुई, जिसके बाद ओडिशा की प्रसिद्ध नृत्य शैलियों का प्रदर्शन किया गया। इनमें ओडिशी नृत्य, मयूरभंज छऊ और संबलपुरी नृत्य शामिल थे। कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित दर्शकों को ओड़िशा की समृद्ध परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर से रूबरू कराया।
नुआखाई पर्व ओडिशा और छत्तीसगढ़ सहित कई पूर्वी राज्यों में धान की नई फसल के स्वागत और कृषक समुदाय के परिश्रम को समर्पित उत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस पर्व में नई फसल को भगवान को अर्पित करने के बाद समाज और परिवार के साथ साझा किया जाता है।
राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस सांस्कृतिक समारोह ने ‘नुआखाई’ की भावना—कृतज्ञता, एकजुटता और सांस्कृतिक गौरव—को जीवंत रूप से प्रस्तुत किया।