आरोप था कि जीएफ की राशि निकालने के लिए उनसे 20 हजार रुपये की मांग की जा रही थी।
मामले की शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने प्रधान लेखपाल की गिरफ्तारी की रणनीति तैयार की। गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम राजकुमार साहनी को चैनपुर ब्लॉक कार्यालय ले गई, जहां से धनंजय प्रसाद का आवेदन बरामद किया गया। इसके बाद राजकुमार साहनी को वापस रांची लाया गया। एसीबी की इस कार्रवाई से चैनपुर में हड़कंप मचा हुआ है। एसीबी की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। राजकुमार साहनी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।