जबलपुर : पॉक्सो में चार साल बाद मिला न्याय, हाईकोर्ट से बरी

उल्लेखनीय है कि साल 2023 में विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) ने मनोज को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। उस समय अदालत ने डीएनए रिपोर्ट के आधार पर उसे दोषी माना, लेकिन जन्म-प्रमाणपत्र, मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों की गवाही पर गंभीर खामियां थीं।

फिलहाल हाईकोर्ट में जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस अवनीन्द्र कुमार सिंह की खंडपीठ ने कहा कि ऐसे हालात में आरोपि‍त को संदेह का लाभ मिलना चाहिए। अदालत ने मनोज यादव की अपील मंजूर कर तत्काल रिहाई का आदेश दिया। निचली अदालत के आदेश से पिछले चार वर्ष से उम्र कैद काट रहे मनोज को हाईकोर्ट से न्याय मिला है यही उसके परिवारवालों का कहना है । इस संबंध में न्‍यायालय का निर्णय गत दिवस ही आया है।