निरीक्षण के दौरान कक्ष क्रमांक 220 में रोपण की स्थिति का मुआयना किया। औषधि पादक बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम ने औषधीय रोपण पर बताया कि छत्तीसगढ राज्य शासन की यह प्रयास है कि राज्य के वनांचल क्षेत्रों में औषधीय पौधों के संरक्षण और संवर्धन के साथ-साथ वनोपज संग्रहकों का आय का साधन बन रहा है। औषधीय पौधों का संरक्षण न केवल पर्यावरण संतुलन बल्कि ग्रामीणों का आजीविका भी मजबूत आधार बन रहा है। वन परिक्षेत्र अधिकारी सुभाष ध्रुव ने रोपण की स्थिति की जानकारी के दौरान निरीक्षण टीम को बताया कि दुगली वन क्षेत्र में लगातार तीन वर्षो से रोपण किया जा रहा है। पूर्व की रोपण पौधों का संग्रहण की स्थिति में पौधे आ चुके हैं। लगातार तीन सालों से प्रति वर्ष 20 हेक्टेयर की लक्ष्य से पौधारोपण किया गया है, इसकी जानकारी दिए।
प्रदेश पादक बोर्ड के सीईओ श्री राव ने निरीक्षण के दौरान पौधों से क्या-क्या फायदे हैं, कौन से औषधि के रुप में उपयोग होता है, किस बीमारी में काम आता है एवं किस अवस्था में किस रुप में कंद और फल का संग्रहण करना चाहिए इसकी जानकारी दिए। उनके साथ गौकरण साहू उपाध्यक्ष जिला पंचायत धमतरी, अजय ध्रुव जिला पंचायत सदस्य, महेश गोटा अध्यक्ष जनपद-पंचायत नगरी, राजाराम मंडावी, आशु पडोटी, सुरेन्द्र राज ध्रुव, सहायक परिक्षेत्र अधिकारी बसंत लाल ध्रुव, संजय मरकाम वनरक्षक मौजूद थे।