मानसून एक सप्ताह तक रहेगा ब्रेक पर,चढऩे लगा पारा

मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि बाड़मेर, जैसलमेर व आसपास के जिलों में मंगलवार कहीं-कहीं हल्की मध्यम बारिश दर्ज की गई। राज्य में भारी बारिश की गतिविधियों से राहत मिलना शुरू हो गई है। पूर्वी राजस्थान के कोटा, भरतपुर, जयपुर, अजमेर, उदयपुर संभाग के अधिकांश भागों में आगामी एक सप्ताह बारिश की गतिविधियों में गिरावट जारी रहने व केवल छुटपुट स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश भागों में भी आगामी दिनों में बारिश की गतिविधियों में तेजी से गिरावट होने व 11 सितंबर से अधिकांश भागों में आगामी एक सप्ताह मौसम मुख्यत: शुष्क रहने की प्रबल संभावना है। सोमवार को राज्य के माउंट आबू (सिरोही) में सबसे अधिक 65 मिमी वर्षा दर्ज की गई। अब तक हो चुकी 693.1 मिमी बरसात मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक क्लाइमेट चेंज के चलते राजस्थान जैसे सूखे प्रांत में अब औसत से ज्यादा बारिश होने लगी है।

मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार इस सीजन में 1 जून से अब तक (8 सितंबर तक) कुल 693.1 मिमी बरसात हो चुकी है, जबकि मानसून अभी विदा नहीं हुआ है। साल 1917 के मानसून सीजन में राजस्थान में कुल 844.2 मिमी बरसात दर्ज हुई थी, जो राजस्थान अब तक की सर्वाधिक बरसात होने का रिकॉर्ड है। मानसून के इस सीजन में पिछले तीन माह में सबसे ज्यादा बरसात जुलाई में हुई है। जून में 125.3, जुलाई में 290 और अगस्त में 184 मिमी बरसात दर्ज हुई। जबकि 1 से 8 सितंबर तक 94 मिमी बरसात हो चुकी है।

बीसलपुर बांध में लगातार पानी की आवक घटने लगी है। इसके चलते मंगलवार को दो गेट और बंद कर दिए गए। मंगलवार को चार गेट खोलकर 48080 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। गेट नम्बर 9,10,11 और 12 नम्बर गेट दो मीटर खोलकर पानी की निकासी की जा रही है। वर्तमान में त्रिवेणी नदी 4.40 मीटर पर बह रही है।