इसके पूर्व सुदीप गुड़िया, जिला शिक्षा पदाधिकारी अपरूपा पॉल चौधरी, जिला शिक्षा अधीक्षक अभय कुमार शील, बीडीओ नवीन कुमार झा ने संयुक्त रूप से दीप कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
विधायक ने कहा कि शिक्षा अनमोल रत्न है। इसे कोई चुरा नहीं सकता है। इसीलिए अभिभावक बच्चों को अवश्य पढ़ायें। उन्होंने कहा कि अभिभावक एक निवाला कम खाएं लेकिन बच्चों को स्कूल अवश्य भेजें। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा में शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा करें। अपने आस-पड़ोस में जो बच्चा स्कूल से ड्रॉप आउट है या स्कूल नहीं जाते हैं, उसके अभिभावक से मिलें और कारण जानें और उसे दूर कर ऐसे बच्चों को स्कूल जरूर भेजें।
विधायक ने कहा कि सबको गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल, इसके लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि तोरपा में जल्द ही बालिका आवासीय विद्यालय का भवन बनकर तैयार हो जायेगा, जहां यहां की बच्चियों शिक्षा ग्रहण कर सकेंगी।
वहीं बीपीओ नरेंद्र कुमार ने शिक्षक अभिभावक बैठक के उद्देश्य के बारे में बताया कि साल में चार बार इस तरह की बैठक आयोजित की जाती है। बैठक में विद्यालय में बच्चों का शत प्रतिशत नामांकन और उपस्थिति, बच्चों के बीच के लर्निंग गैप को पाटने, अभिभावक शिक्षक का सहयोग, खेल परीक्षाओं में बच्चों का प्रदर्शन, बच्चों की शिक्षा में माता पिता की भागीदारी विषय पर विस्तृत चर्चा की गयी।
बैठक में शिक्षकों ने व्यावसायिक शिक्षा पाठ्यक्रम की जानकारी अभिभावकों को दी।
बैठक में मैट्रिक तथा इंटर की परीक्षा के विद्यालय टॉपर और शत प्रतिशत उपस्थिति वाले बच्चों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्वेता होरोने किया।
बैठक में विद्यालय की प्राचार्य किरण हेरेंज, मुखिया जॉन तोपनो, मनोज कुमार नाग, इंद्रानिल भट्टचार्य, अंशीला कंडुलना, मधु मालती, प्रभासी कुमारी, जूरिट केरकेट्टा, नीलम तिर्की, सुनीता लकड़ा, एरिक न्यूटन कुजूर उपस्थित थे।