विश्वविद्यालय की एम.एससी. फूड टेक्नोलॉजी की छात्राओं ने नौतनवां स्थित मसाला फैक्ट्री का किया शैक्षिक भ्रमण

भ्रमण में शामिल छात्र-छात्राओं याशी सिंह, राशि गुप्ता, पुन्य प्रताप सिंह और अभिनव सिंह ने मसालों के उत्पादन की संपूर्ण प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से देखा। फैक्ट्री प्रबंधन ने उन्हें हल्दी, धनिया, लाल मिर्च, जीरा, काली मिर्च और गरम मसाले की प्रोसेसिंग की आधुनिक तकनीकों से अवगत कराया।

छात्रों को कच्चे मसालों की सफाई, सुखाने, ग्रेडिंग और पिसाई के साथ-साथ मिश्रण और गुणवत्ता नियंत्रण की विधियों की जानकारी दी गई। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा निर्धारित मानकों का पालन और खाद्य सुरक्षा प्रमाणन की प्रक्रिया पर भी विस्तार से जानकारी दी गई।

पैकेजिंग यूनिट में छात्राओं ने देखा कि किस प्रकार मसालों को स्वचालित मशीनों द्वारा नमीरोधी पैकेट, पाउच और डिब्बों में पैक किया जाता है। उन्हें यह भी बताया गया कि लेबलिंग, ब्रांडिंग और एफएसएसएआई प्रमाणन उद्योग का अभिन्न अंग है।

यह इकाई एसजेएमजी इंडस्ट्रीज प्रा. लि. के निदेशक मनोज कुमार जायसवाल और ममता जायसवाल द्वारा संचालित है। परियोजना की कुल डीपीआर लागत 3.04 करोड़ रुपये (304 लाख) है, जिसे राज्य सरकार की औद्योगिक प्रोत्साहन नीति के अंतर्गत सब्सिडी के लिए भी आवेदन किया है और बैंक से वित्तीय सहयोग प्राप्त हुआ है। इस इकाई के संचालन से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं और क्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा मिल रहा है।

विभाग द्वारा आयोजित इस औद्योगिक भ्रमण छात्रों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं, क्योंकि इससे उन्हें प्रयोगशाला से बाहर निकलकर वास्तविक उद्योग जगत को समझने का अवसर मिलता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छात्र-छात्राएँ इस अनुभव से प्रेरित होकर खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में बेहतर करियर निर्माण करेंगे।छात्रों ने भी इस भ्रमण को अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बताया।