झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी के तहत संचालित आयुष्मान भारत, मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की समीक्षा की। इस अवसर पर सीईओ बरनवाल ने राज्य में ई-केवाईसी को 15 नवंबर तक राष्ट्रीय औसत के स्तर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने कहा कि कम से कम 70 प्रतिशत लाभार्थियों का ई-केवाईसी अनिवार्य रूप से पूरा होना चाहिए। इसके लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने कि जरूरत है।
बरनवाल ने सार्वजनिक अस्पतालों की क्षमताओं को सुदृढ़ करने, विशेषज्ञ डॉक्टरों के बेहतर उपयोग, बड़े पैकेजों के शीघ्र क्रियान्वयन और फ्रॉड मामलों की पुनः जांच पर जोर दिया। इसके अलावा, उन्होंने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत चिकित्सकीय संस्थानों और चिकित्सकों के डेटा एंट्री और मरीजों के डिजिटल रिकॉर्ड को सुनिश्चित करने संबंधित निर्देश दिया। समीक्षा के दौरान डॉ नेहा अरोड़ा ने योजना की अद्यतन स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहले चरण में सरकारी अस्पतालों में केवल 10 प्रतिशत केसेस दर्ज हुए थे, लेकिन पिछले वर्ष यह आंकड़ा 50 प्रतिशत तक बढ़ा।
बैठक में झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी की कार्यकारी निदेशक डॉ नेहा अरोड़ा, अपर सचिव विद्यानंद शर्मा पंकज, प्रवीण चंद्र मिश्रा, जीएम जेएसएएस और अन्य अधिकारी मौजूद थे।