आजीविका संवर्धन की समीक्षा बैठक में महिलाओं की आय बढ़ाने पर जोर

बैठक में जिले के विभिन्न प्रखंडों में महिला स्वयं सहायता समूहों और किसानों की ओर से संचालित प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा की गई और आगे के लिए ठोस दिशा-निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी से चल रहे प्रोजेक्ट ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त कर रहे हैं। प्रशासन का प्रयास है कि इन योजनाओं के माध्यम से परिवारों की आय में वृद्धि हो और महिलाएं आत्मनिर्भर बनें।

समीक्षा के क्रम में बोड़ाम हनी प्रोजेक्ट को लेकर बताया गया कि 27 दीदियों को मधुमक्खी पालन की ट्रेनिंग दी गई है। उद्यान विभाग द्वारा बी बॉक्स उपलब्ध कराया जाएगा। फिलहाल प्रतिदिन 20-25 लीटर हनी का प्रसंस्करण हो रहा है। उपायुक्त ने उत्पादन और विपणन क्षमता बढ़ाने के लिए ठोस योजना बनाने का निर्देश दिया।

डुमरिया के माइक्रो इकोनॉमिक जोन में सीएम स्मार्ट योजना के तहत क्रियान्वित की जाने वाली योजनाओं पर संवेदक की शिथिलता को लेकर उपायुक्त ने अप्रसन्नता जताई । उन्होने सख्त निर्देश दिया कि कार्य करने में रूचि नहीं दिखाने वाले संवेदक को हटायें, परियोजना में अनावश्यक विलंब से स्थानीय लोगों के हितों का नुकसान नहीं होनी चाहिए। गुड़ाबांदा बकरी पालन प्रोजेक्ट में लाभुकों ने बताया कि शेड निर्माण कार्य प्रगति पर है। प्रशासन की ओर से महिलाओं अन्य आवश्यक सहयोग हेतु आश्वस्त किया गया।

डुमरिया के लखाईडीह में सरसो तेल प्रोसेसिंग सेंटर स्थापना को लेकर मशीनों की खरीद का प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि उपकरण बिजली के साथ-साथ सौर ऊर्जा से भी संचालित हों ताकि किसानों, स्थानीय लोगों को पूरे वर्ष आय सृजन का स्रोत मिल सके ।

मानुषमुड़िया में बंबू प्रोजेक्ट को लेकर चर्चा की गई । शुरूआत में छोटे लागत और दैनिक उपयोग में आने वाले वस्तुओं के निर्माण पर फोकस करने का निर्णय लिया गया एवं बाद में इसके विस्तार की कार्ययोजना पर चर्चा की गई।

वहीं, गोलमुरी सह जुगसलाई प्रखंड की महिलाओं की ओर से मशरूम उत्पादन के कार्यों की समीक्षा में जगह उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। बहरागोड़ा में काजू प्रोसेसिंग यूनिट को लेकर एफपीओ सदस्यों को क्योंझर में काजू प्रोसेसिंग प्लांट का एक्सपोजर विजिट कराने का निर्णय लिया गया।

इसके अलावे मुसाबनी प्रखंड में सिल्क प्रोजेक्ट और डोकरा आर्ट, धालभूमगढ़ के पैटकर पेंटिंग, पोटका में पॉटरी प्रोजेक्ट, घाटशिला में वुड कार्विंग प्रोजेक्ट पर भी विमर्श किया गया। उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक परियोजना के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए, ताकि आजीविका से जुड़े कार्यों का लाभ जल्द से जल्द ग्रामीणों और महिलाओं को मिल सके। बैठक में जिला स्तर के विभागीय पदाधिकारी और संबंधित प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी उपस्थित थे।