अंकुश नारंग ने एमटीएस कर्मचारियों से मुलाकात कर उनकी मांगों का किया समर्थन

अंकुश नारंग ने बताया कि एमसीडी के 5,200 एमटीएस और सीएफडब्ल्यू कर्मचारियों की 29 सितंबर से हड़ताल जारी है। उन्होंने कहा कि ये कर्मचारी दवा का छिड़काव, पानी की टंकियों की सफाई और मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम जैसे महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। हड़ताल के कारण इन सेवाओं में व्यवधान आ रहा है।

उन्होंने कर्मचारियों की तीन प्रमुख मांगों को जायज बताया—

समान वेतन: एमटीएस कर्मचारियों को छह अलग-अलग स्केल्स में सैलरी मिलती है। डीबीसी से एमटीएस बनने के बाद भी एक समान वेतन नहीं मिल रहा।

मेडिकल लीव: लंबे समय से कार्यरत ये कर्मचारी मलेरिया-डेंगू जैसी परिस्थितियों में काम करते हैं, उन्हें मेडिकल लीव का अधिकार मिलना चाहिए।

मृत्यु पर परिवार को नौकरी: खतरनाक परिस्थितियों में काम करने वाले कर्मचारियों के परिवारों को आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में सहायता मिलनी चाहिए।

अंकुश नारंग ने कहा कि उन्होंने मेडिकल हेल्थ ऑफिसर (एमएचओ) के साथ यूनियन की बैठक करवाई थी, जिसमें इन मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने उम्मीद जताई कि महापौर बातचीत के माध्यम से इस समस्या का शीघ्र समाधान निकालेंगे ताकि नागरिक सेवाएं सामान्य रूप से शुरू हो सकें।

इस अवसर पर करोलबाग ज़ोन अध्यक्ष पुनीत राय, सिटी एसपी ज़ोन अध्यक्ष विकास टांग, वेस्ट ज़ोन अध्यक्ष निर्मला कुमारी और आम आदमी पार्टी के अन्य कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।