सीटू ज़िला प्रधान भूपेंद्र सिंह ने कहा कि मिड डे मील वर्करों को केंद्र की मोदी सरकार ने पिछले पंद्रह साल से एक रुपये की भी वृद्धि नही की है और उन्हें केंद्र सरकार केवल एक हज़ार रुपये ही दे रही है लेकिन हिमाचल सरकार से इन्हें चार हज़ार रुपये दिए जाते हैं।निससे साफ़ है कि मोदी सरकार मिड डे मील वर्करों के पक्ष में कोई काम नहीं कर रही है।
बैठक में ये भी प्रस्ताव पारित किया गया कि सरकार द्धारा बन्द या मर्ज़ किये जा रहे स्कूलों की स्थिति में उन्हें विभाग में दूसरे पदों जैसे पियन, वॉरगार्ड, मल्टिटास्क वर्कर इत्यादि के पदों पर लगाया जाए और इसके लिए पालसी बनाई जाये।