जिला अध्यक्ष धर्मवीर गुलिया ने जिले की तरफ से सभी का स्वागत किया ओर जिले के सभी खंडों में संगठन के कार्य के बारे विस्तार से बताया। उन्होंने उपस्थित किसानों को ज्यादा से ज्यादा ग्राम समितियों से जुड़ने बारे आग्रह किया। संभाग संगठन मंत्री मोहिंदर सिंह ने संगठन की रीति नीति बारे सभी को बताया कि भारतीय किसान संघ दुनिया का सबसे बड़ा राष्ट्रवादी, गैर राजनीतिक, निस्वार्थ किसानों का किसानों के लिए संगठन है। भारतीय किसान संघ किसानों के लिए संगठनात्मक, रचनात्मक व आंदोलनात्मक कार्य करता है।
प्रदेश अध्यक्ष सतीश छिकारा ने ग्राम समितियों के गठन ओर उनके दायित्वों के बारे बताया कि भारतीय किसान संघ की स्थापना चार मार्च 1979 को राजस्थान के कोटा जिले में किसानों के परम हितैषी रहे दत्तोपंत ठेंगड़ी द्वारा भारत के किसानों की आवाज को समान रूप से पूरे देश के लिए उठाने के लिए की गई। उन्होंने बताया कि भारतीय किसान संघ के मुख्य चार उत्सव मनाएं जाते हैं। भारत माता पूजन कार्यक्रम, स्थापना दिवस, भगवान बलराम जयंती और गोपाष्टमी यानि गौ पूजन। उन्होंने किसानों को इन सभी इन सभी के महत्व और विधि के बारे विस्तार से बताया।
उन्होंने बताया कि पंच परिवर्तन के पांचों विषयों, कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक सदभाव, स्वदेशी जीवन, नागरिक अनुशासन एवं पर्यावरण के विषयों को अपने जीवन में शामिल करके किस तरह हम समाज में व्यवस्था परिवर्तन ला सकते हैं। जहर मुक्त खेती, नशा मुक्त गांव के नारे को साथ रखते हुए गौ आधारित जैविक खेती करने के लिए भी उन्होंने किसानों को प्रेरित किया।
इस मौके पर भारतीय किसान संघ हरियाणा की कार्यकारिणी के सदस्य सत्यवीर आर्य, जिला उपाध्यक्ष रविंद्र धनखड़, ग्राम विकास संयोजक मनोज कुमार, अजेंद्र सिंह, मोनू यादव, अशोक कुमार, खंड मंत्री संदीप गोरिया, खंड उपाध्यक्ष तकदीर सिंह, रमेश कुमार, कुलदीप जांगड़ा, सतबीर सिंह, पवन कुमार, रतिराम व सोमबीर आदि किसान प्रतिनिधि मौजूद रहे।