याचिका में कहा था कि सेक्टर प्लान में यह रोड 100 फीट की है, लेकिन कई सालों से इस सडक़ का निर्माण नहीं हो पा रहा है। सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के कारण ही हाउसिंग बोर्ड सेक्टर एक व दो को आज तक विकसित नहीं कर पाया है। इसलिए रोड का निर्माण करवाया जाए। वहीं 2018 के अलाइनमेंट बदलाव से हुए प्रभावित मकान मालिकों की ओर से अधिवक्ता प्रहलाद शर्मा ने कहा कि उन्होंने सोसायटी से भूखंड खरीदे थे और वे कई सालों से रह रहे हैं, लेकिन अलाइनमेंट बदलने के कारण उनके मकानों पर भी टूटने की तलवार लटक गई थी। गौरतलब है कि पूर्व में इस रोड को लेकर जेडीए व हाउसिंग बोर्ड के दो अलग-अलग मत होने पर हाईकोर्ट ने प्रमुख यूडीएच सचिव को पेश होकर यह बताने के लिए कहा था कि इस रोड के निर्माण के लिए उनकी क्या कार्य योजना है।