भोपाल, 23 अक्टूबर । मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में औषधियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निगरानी तंत्र का सशक्तिकरण अत्यंत आवश्यक है। अधोसंरचना विकास, टेस्टिंग लैब के लिए अत्याधुनिक उपकरणों की उपलब्धता तथा पर्याप्त मैनपावर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने टेस्टिंग क्षमता को चार गुना बढ़ाने के निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल गुरुवार को मंत्रालय में औषधि गुणवत्ता मॉनिटरिंग संरचना के सुदृढ़ीकरण और स्वास्थ्य सेवाओं के सशक्तीकरण से जुड़े विभिन्न विषयों और संबंधित प्रस्तावों की समीक्षा कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने आवश्यक दिशा- निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने चिकित्सकीय मैनपावर की नियुक्ति प्रक्रिया की समीक्षा की। उन्होंने चयनित चिकित्सकों एवं विशेषज्ञों को शीघ्र पदस्थापित करने और शेष नियुक्तियों की प्रक्रिया समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने अन्य राज्यों में प्रचलित मॉडलों का अध्ययन कर मेडिकल ऑफिसर और विशेषज्ञों की भर्ती प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी एवं तेज़ बनाने के लिए प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए।
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने कहा कि औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं को आधुनिक तकनीक और पर्याप्त विशेषज्ञ स्टाफ से सुसज्जित किया जा रहा है ताकि राज्य में गुणवत्तापूर्ण दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। बैठक में बताया गया कि विगत माह 267 चिकित्सकों/विशेषज्ञों की चयन प्रक्रिया के परिणाम जारी किए गए हैं। इनमें से 243 की काउंसलिंग पूर्ण हो चुकी है, 7 की पोस्टिंग की जा चुकी है तथा 17 की काउंसलिंग प्रक्रिया प्रगतिरत है। बैठक में स्वास्थ्य संचालक एवं खाद्य एवं औषधि नियंत्रक दिनेश श्रीवास्तव सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।