यूपीएससी ने हलफनामा दायर कर कहा है कि जैसे ही देशभर के परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षित तरीके से परीक्षा आयोजित करने के लिए जरुरी तकनीकी व्यवस्था, सॉफ्टवेयर और टेस्टिंग की सुविधा उपलब्ध हो जाती है, वह दृष्टिबाधित उम्मीदवारों के लिए स्क्रीन रीडिंग सॉफ्टवेयर की मदद से परीक्षा आयोजित करेगा।
यह याचिका मिशन एक्सेसिबिलिटी नामक संस्था ने दायर की थी। याचिकाकर्ता के वकील संचित आइन ने कहा कि दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को उचित अवसर नहीं मिल रहा है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि इस व्यवस्था को समयबद्ध तरीके से लागू करने का निर्देश दिया जाना चाहिए, ताकि अगले सत्र से पहले यह सुविधा उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्रों को सुगम बनाना, चार्ट डायग्राम और क्षेत्रीय भाषाओं में प्रश्न पत्रों के लिए उपयुक्त सॉफ्टवेयर जैसी बातों पर सुझाव लिया जाना जरुरी है। तब कोर्ट ने कहा था कि ये यूपीएससी पर निर्भर है कि वे परामर्श करें या नहीं। उन्हें पता है कि उनके प्रश्नपत्र कैसे तैयार होते हैं और वे स्क्रीन रीडर के लिए उन्हें कैसे उपलब्ध करा सकते हैं।