याचिका में अधिवक्ता लक्ष्मीकांत मालपुरा ने अदालत को बताया कि यूजीसी की ओर से आगामी दिसंबर माह में नेट परीक्षा आयोजित की जा रही है। जिसमें स्नातकोत्तर में 55 फीसदी अंक लाने वालों को पात्र माना गया है। वहीं इसके लिए एससी, एसटी और ओबीसी सहित अन्य आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को पांच फीसदी अंकों की छूट दी गई है। याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता के 53 फीसदी अंक हैं और वह ईडब्ल्यूएस वर्ग का है। इसके बावजूद उसे पांच फीसदी अंकों की छूट नहीं दी जा रही है। याचिका में गुहार की गई है कि नेट परीक्षा के लिए उसका आवेदन स्वीकार कर उसे परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।