आरोप : लेखपाल की गलत रिपोर्ट का दंश भोग रहे रिटायर्ड मेजर

एसडीएम बोले,लिपिकीय त्रुटि हुई थी, सुधार कर दिया गया

झांसी, 2 नवंबर । ग्वालियर रोड पर निर्माणाधीन फोरलेन के दायरे में अधिग्रहीत की जाने वाली जमीन के मामले में लेखपाल द्वारा लगाई गई रिपोर्ट एक रिटायर्ड मेजर के लिए परेशानी का सबब बन गई। यहां तक कि रविवार को उनकी जमीन पर निर्मित क्षेत्र को एनएचएआई द्वारा तोड़फोड़ करते हुए अपने कब्जे में ले लिया गया। जबकि रिटायर्ड मेजर इसे गलत बताते नजर आए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके द्वारा इसकी शिकायत एसडीएम से भी की गई। लेकिन निस्तारण के पूर्व ही एनएचएआई ने यह कार्रवाई कर दी। वहीं एसडीएम सदर ने इसे लिपिकीय त्रुटि होना बताते हुए इसे सुधार कर देने की भी बात बताई और बताया कि वह दर्ज जमीन से ज्यादा जमीन पर काबिज थे। इसलिए यह कार्रवाई हुई।

दरअसल एनएचएआई द्वारा रविवार को ग्वालियर रोड स्थित निर्माणाधीन फोरलेन के पास एक अतिक्रमण हटाते हुए कुछ निर्मित आकृति को भी तोड़ दिया। इस पर आपत्ति जताते हुए रिटायर्ड मेजर डॉ. एम सी अग्रवाल ने बताया कि यह क्षेत्र उनकी निजी संपत्ति था। उन्होंने बताया कि लेखपाल द्वारा एक रिपोर्ट लगाने की वजह से उन्हें इतना परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि उनकी कुल .781 हेक्टेयर भूमि थी। इसमें से उन्होंने .348 हेक्टेयर जमीन सिंचाई विभाग को नहर के लिए दी थी। जिसे लेखपाल द्वारा रिपोर्ट में .384 हेक्टेयर दर्ज करने से ये पूरी परेशानी पैदा हुई है। उन्होंने बताया कि इसके लिए 15 दिन पूर्व उन्होंने एसडीएम सदर को लिखित प्रार्थना पत्र दिया था। लेकिन अभी तक निस्तारण नहीं हुआ बल्कि आज एनएचएआई ने कार्रवाई करते हुए उनकी जमीन पर बने निर्माण कार्य को ध्वस्त कर दिया। जिसमें उन्हें लाखों का नुकसान हुआ है।

इनका है कहना

इस सम्बंध में एसडीएम सदर गोपेश तिवारी ने बताया कि मेजर एमसी अग्रवाल अपनी दर्ज जमीन से ज्यादा जमीन पर काबिज थे इसलिए एनएचएआई द्वारा निर्वाध सड़क निर्माण के लिए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की है। उन्होंने यह भी बताया कि मामले में लिपकीय त्रुटि की शिकायत की गई थी। उसको ठीक कराया गया है। उसकी प्रति संभवतः सोमवार तक शिकायतकर्ता के पास तक पहुंच जाएगी।