क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त आदित्य गौतम ने सोमवार को बताया कि आरोपित ने एक नाबालिग लड़की को फेसबुक पर फिशिंग लिंक भेजकर उसका अकाउंट हैक कर लिया था। उसने लड़की को यह झांसा दिया कि उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें ऑनलाइन लीक हो चुकी हैं और लिंक पर लॉगिन करने को कहा। लॉगिन करते ही आरोपित ने उसका अकाउंट अपने कब्जे में लेकर अश्लील तस्वीरें मांगनी शुरू कर दीं। इतना ही नहीं, उसने तस्वीरें एडिट कर लड़की के परिवार से भी पैसों की मांग की और धमकाया कि अगर पैसे नहीं दिए तो तस्वीरें वायरल कर देगा। पीड़ित परिवार की
शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि स्थानीय पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच को मामले की जांच में लगाया।
पुलिस उपायुक्त के अनुसार महिला कांस्टेबल मंजू ने आरोपित को पकड़ने के लिए तकनीकी और मानव खुफिया सूचना जुटाई। लंबे समय तक ट्रैकिंग और निगरानी के बाद पुलिस को पता चला कि सुमित नोएडा में एक आईटी कंपनी में हाउसकीपिंग सुपरवाइजर के रूप में काम कर रहा है।सूचना को पुख्ता कर पुलिस टीम ने एक नवंबर को नोएडा के शाहपुर गांव के पास एक वाइन शॉप से आरोपित को दबोचा।
पूछताछ में आरोपित सुमित ने अपना अपराध स्वीकार किया। उसने बताया कि वह फेसबुक पर फर्जी आईडी से लड़कियों को फंसाकर उनकी सोशल मीडिया जानकारी चुरा लेता था और फिर उन्हें ब्लैकमेल कर पैसे वसूलता था।
जमानत के बाद भाग गया था बिहार
जांच में पता चला है कि आरोपित सुमित को 2020 में इस मामले में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन फरवरी 2021 में जमानत पर बाहर आने के बाद वह फरार हो गया और अपने गांव मधुबनी (बिहार) चला गया। 26 मार्च 2024 को अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था।