सिख समाज के नगर कीर्तन में गूंजा जो बोले सो निहाल का जयघोष

प्रथम पंक्ति में समाज के युवा चल रहे थे। दूसरी पंक्ति में समाज प्रमुख थे। तीसरी पंक्ति में एक रथ पर गुरुनानक देव जी की फोटो लगाई गई थी, जिसे आकर्षक फूलों से सजाया गया था। इसके बाद पंच प्यारे और उनके निशान साथ साथ चल रहे थे। पंच प्यारे और उनके निशान के सम्मान में समाज के बच्चे और युवतियां सड़क की सफाई करते हुए चल रहे थे। अंतिम पंक्ति में समाज की युवतियों व महिलाएं गुरु नानक देव का बखान करते हुए चल रही थी। शोभायात्रा का आकर्षण देखते ही बना। नगर कीर्तन का विभिन्न स्थानों पर अन्य समाज और संस्थानों ने स्वागत किया। गुरु नानक देव की जयंती पर निकली शोभायात्रा के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।

नगर कीर्तन में प्रमुख रूप से समाज के प्रधान जगजीवन सिंघ सिध्दू, सचिव जसपाल सिंघ छाबड़ा,ममता खालसा, रानी सौंध, हरिसिमरन कौर, सुरविंदर कौर, मनमीन कौर, अमरजीत कौर छाबड़ा, सिमरन, शैली भांभरा, हरमीत खालसा, रोजी खालसा, जसविंदर कौर छाबड़ा सहित अन्य मौजूज थे।