इस बैठक में कलेक्टर ने कलेक्टर ने विद्यालयीन अनुशासन और निरीक्षण पर जोर देते हुए खंड शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों का नियमित निरीक्षण करने का निर्देश दिया। साथ माॅनिटरिंग भी सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति 85 प्रतिशत से कम है, वहाँ अनुशासन की कमी मानते हुए तत्काल सुधार की आवश्यकता पर बल दिया।
कलेक्टर ने शैक्षणिक सुधारों के साथ-साथ सभी पात्र विद्यार्थियों की अपार आईडी शत-प्रतिशत बनाने और अद्यतन करने के कार्य में धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने 30 नवंबर तक इस कार्य को शत-प्रतिशत पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। अधिकारियों को नियमित रूप से अपार शिविर लगाने और शिविर में हुए कार्यों की रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर अपडेट करने का निर्देश दिया गया है।
अधिकारियों को शैक्षणिक परिणामों में सुधार और विद्यार्थियों की अपार आईडी के शत-प्रतिशत अद्यतन पर विशेष बल दिया गया। कलेक्टर श्री हरिस ने कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणामों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन कक्षाओं के लिए तत्काल अतिरिक्त 2 घंटे की कक्षाएं लगाई जाएं। कलेक्टर ने परिणामों में लगातार कम प्रदर्शन करने वाले स्कूलों के विषय शिक्षकों को नोटिस जारी करने और उसकी एंट्री उनकी सर्विस बुक में करने का सख्त निर्देश भी दिया। इसके अतिरिक्त 12 वीं के 200 मेधावी विद्यार्थियों का चयन कर उन्हें मोटिवेशन, एक्स्ट्रा कोचिंग और डाउट क्लीयरिंग सेशन प्रदान करने की योजना बनाने को कहा गया। खंड शिक्षा अधिकारियों को ग्राम पंचायत और अशासकीय संस्थाओं के अपार के आधार पर सूची बनाकर आईडी बनाने की योजना जमा करने को कहा गया है, जबकि अनुविभागीय दंडाधिकारी के समन्वय से आईडी बनाने की योजना तैयार करने का भी निर्देश दिया गया।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन, जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल, जिला मिशन समन्वयक अशोक पांडे सहित सभी सहायक परियोजना समन्वयक तथा जिले में पदस्थ खंड शिक्षा अधिकारी, खंड स्रोत समन्वयक तथा विद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित थे।