विवाह स्थल मास्टर प्लान और कानूनी प्रावधानों से चल रहे हैं या नहीं, जेडीसी पर भी हो सकती है कार्रवाई-हाईकोर्ट

जेडीए ने गत 12 मार्च को याचिकाकर्ता की संपत्ति सील करने की कार्रवाई की थी। जिसे याचिकाकर्ता ने जेडीए की मनमानी बताया था। वहीं याचिका में जेडीए अधिकरण के गत 15 जुलाई के उस आदेश को चुनौती दी गई, जिसमें अधिकरण ने संपत्ति की सील को बरकरार रखते हुए याचिकाकर्ता को भूमि रूपान्तरण करने का आदेश दिया था। जिसका विरोध करते हुए एएसजी भरत व्यास ने कहा कि याचिकाकर्ता ने अनुच्छेद 226 के तहत याचिका दायर की है, जबकि मामले में अनुच्छेद 227 के तहत ही याचिका दायर हो सकती है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने याचिका को खारिज करते हुए जेडीए को निर्देश दिए हैं।