जीने की कला सिखाती है भागवत : आचार्य रामप्रताप शास्त्री

उन्होंने कहा कि भागवत कथा हमें जीवन जीने की कला सिखाती है और सत्य के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करती है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के पास समय का लोप हो गया है। इसलिए समय निकालकर अवश्य पूजा-पाठ करें। परिवार के बीच प्रेम बना रहे। आपसी कटुता से घर में क्लेश होता है। जहां कहीं भी श्रीमद भागवत कथा हो रही हो हमें इसका श्रवण अवश्य करना चाहिए। श्रीमद भागवत कथा के श्रवण मात्र से हमारे पाप धुल जाते हैं।

उल्लेखनीय है कि बांसपारा वार्ड में विकास नीलवेणी पदमवार द्वारा चार से 12 नवंबर तक श्रीमद भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। आठ नवंबर को कृष्ण जन्म और 10 नवंबर को रुक्मणि की कथा सुनाएंगे। समापन और महाप्रसाद वितरण का आयोजन 12 नवंबर को किया जाएगा है। इसके पूर्व किले के हनुमान मंदिर से कथा स्थल तक कलश यात्रा निकाल कर श्रीमद भागवत का शुभारंभ किया गया। इस दौरान कथावाचक आचार्य रामप्रताप शास्त्री कोविंद महाराज का आरती उतारकर स्वागत अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर वीणा पदमवार राजेश, जया पदमवार, श्रीकांत, वंदना आनंदवार, विनय, मीरा पदमवार, राहुल, सफल, शिवानी, दिव्यांश, अभिषेक, वैष्णवी सहित शहर और आसपास के ग्रामीण कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं।