गुरुवार को ज्वालापुर विधायक रवि बहादुर ने प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता के दौरान इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सदन नियमों से चलता है। एजेंडे के अनुसार सदन में राज्य की रजत जयंती पर चर्चा की जानी थी,लेकिन कुछ विधायक जानबूझ कर पहाड़-मैदान का विवाद खड़ा कर दिया।
रवि बहादुर ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्र में कृषि सब्सिडी अधिक और मैदानी जिलों में कम है। बिजली दरों में भी अंतर है। भू-कानून से मैदानी जिलों को अलग रखा गया। लोगों के विरोध के बाद भी हरिद्वार में शहरों और गांवों में स्मार्ट बिजली मीटर लगाए जा रहे हैं। बात किसी दल विशेष की नहीं बल्कि हरिद्वार के सम्मान की है।
उन्होंने कहा कि सदन में जो कुछ हुआ इससे राज्य हित जनता आहत हैं। उन्होंने कहा कि हरिद्वार के सभी 11 विधायकों को इस मुद्दे को उठाना होगा। वे भाजपा के विधायकों से भी इस संबंध में बात करेंगे और एक प्रदेश एक नियम को मुद्दा बनाकर लोगों के बीच जाएंगे। पत्रकार वार्ता के दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक शर्मा आदि मौजूद रहे।